INDvNZ : नो बॉल पर रनआउट हुए थे महेंद्र सिंह धोनी?

मैनचेस्टर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए सेमी-फाइनल मुकाबले में इंडिया के वेटरन विकेटकीपर-बल्लेबाज महेन्द्र सिंह धोनी का रनआउट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर काफी संख्या में लोग इस बारे में बात कर रहे हैं।

गौरतलब है कि ओल्ड ट्रैफर्ड में 240 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के पहले तीन बल्लेबाज सिर्फ एक-एक रन बनाकर पवेलियन वापस जा चुके थे।

नाकाम रहा मिडल ऑर्डर

शुरुआती झटकों के बाद टीम को संभालने की कोशिश में उतरे युवा प्लेयर्स ऋषभ पंत और हार्दिक पंड्या ने शुरुआत तो ठीक की लेकिन अंत अच्छा नहीं कर पाए।

टीम की बुरी हालत के बीच धोनी और ऑलराउंडर रविन्द्र जडेजा ने शानदार शतकीय साझेदारी की। यह दोनों मिलकर टीम को 240 के लक्ष्य के करीब तो ले गए पर जीत नहीं दिला सके।

अंपायर की गलती?

एक तरफ जहां जडेजा 77 रनों की पारी खेलकर आउट हुए तो वहीं धोनी को 50 रन के निजी स्कोर पर मार्टिन गप्टिल ने रन आउट किया। इस पूरे टूर्नामेंट में बैट से कुछ खास ना कर पाए गप्टिल धोनी से भी तेज़ निकले और उन्हें रन आउट कर दिया।

अब धोनी के रन आउट को लेकर काफी बातें हो रही है। जब धोनी आउट हुए उस वक्त मैच का 49वां ओवर चल रहा था। यह मैच का तीसरा पावरप्ले था और नियमों के मुताबिक इसमें 30 यार्ड के सर्कल के बाहर केवल पांच फील्डर्स ही अलाउड होते हैं।

पर उस वक्त सर्कल के बाहर 6 प्लेयर्स थे। नियमों के तहत यह डेड बॉल थी जिसपर धोनी आउट हुए। अंपायर्स इसे आमतौर पर नो बॉल करार दे देते हैं पर ओल्ड ट्रैफर्ड में अंपायर्स ने मैच के दौरान इसे नजरअंदाज किया जिसका खामियाज़ा टीम इंडिया और उसके फैंस भुगत रहे हैं।

फैंस की माने तो अगर धोनी आउट नहीं होते तो मैच इंडिया के पक्ष में होता। बता दें कि वर्ल्ड कप के 12 वें एडिशन में खराब अंपायरिंग शुरू से ही चर्चा का विषय रही है।

फोटो साभार : क्रिकेट वर्ल्ड कप

Author: लवली

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