शर्मनाक : जांच में ओवरएज निकले सैकड़ों U-13 फुटबॉल प्लेयर्स

हाल ही में ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) की जांच में अंडर-13 लेवल की कई टीमों के प्लेयर्स को ओवरएज पाया गया है। सब जूनियर अंडर-13 यूथ लीग टूर्नामेंट में भाग लेने आई टीम्स की जांच में यह शर्मनाक खुलासा हुआ।

AIFF की इस जांच में नॉर्थ-ईस्ट की तीनों टीमों के सभी प्लेयर्स जबकि मिनर्वा पंजाब FC के कुछ प्लेयर्स को ओवरएज पाया गया। AIFF ने इन प्लेयर्स को तुरंत प्रभाव से बैन कर दिया।

सैकड़ों प्लेयर्स हुए फेल

बैन होने वाले प्लेयर्स पूर्व आईलीग चैंपियन आईजॉल FC, शिलॉन्ग लजॉन्ग और नेरोका FC के थे। इसके साथ ही पूर्व आईलीग चैंपियन मिनर्वा पंजाब फुटबॉल क्लब की अंडर-13 टीम के कई प्लेयर्स को भी ओवरएज पाया गया।

AIFF ने तुरंत प्रभाव से इन सभी प्लेयर्स को सब जूनियर अंडर-13 यूथ लीग में खेलने से बैन कर दिया। टाइम्स के मुताबिक AIFF के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘मिनर्वा पंजाब को छोड़ दें तो पूर्वोत्तर की सभी टीमों के अधिकांश खिलाड़ी TW3 अस्थि आयु निर्धारण परीक्षण (Bone age determination test) में फेल रहे और उन्हें बैन कर दिया गया है।’

अधिकारी ने आगे कहा, ‘नियमों के मुताबिक एक टीम 35-40 प्लेयर्स को रजिस्टर कर सकती है लेकिन टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए उसके कम से कम 18 प्लेयर्स को यह टेस्ट पास करना होता है।’

बदला ले रहा है AIFF!

पिछले कुछ वक्त से लगातार AIFF के साथ टकराव के मोड में चल रही मिनर्वा पंजाब FC ने इस मामले पर कमेंट करते हुए कहा कि AIFF बदला लेने की भावना के साथ काम कर रहा है। मिनर्वा पंजाब के मालिक रंजीत बजाज का कहना है कि उनके प्लेयर्स को गलत तरीका अपनाकर खेलने से रोका गया और उन्होंने इसकी टाइमिंग पर भी सवाल उठाए।

बजाज ने कहा, ‘ये सब एक ही वक्त पर क्यों हो रहा है? मेरी टीम पर इतना बड़ा फाइन लगाना, मेरे प्लेयर्स को खेलने से रोकना। जाहिर है कि वे बदले की भावना का शिकार हो रहे हैं।’

आपको बता दें कि मिनर्वा ने यूथ डेवलपमेंट में हाल में बेहतरीन काम किया है। पिछले साल उनकी अंडर-18, अंडर-15 और अंडर-13 टीम ने अपनी-अपनी कैटेगरी में लीग्स पर कब्जा किया था।

प्रतीकात्मक फोटो

Author: हिंदी में स्पोर्ट्स

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *