सीनियर्स को अपनी धुन पर नचा रहे 15-16 साल के बच्चे

भारत देश के 15-16 साल के लड़कों की बात होने पर आपको क्या दिखता है? पढ़ाई, ब्रिलिएंस, शैतानी, इंटरनेट गेम्स, क्रिकेट? फुटबॉल दिखनी थोड़ी मुश्किल है लेकिन देश में कुछ ऐसे भी 15-16 साल की उम्र के लड़के हैं जिन्हें बस फुटबॉल मिल जाए तो वह बड़े-बड़ों को अपनी धुन पर नचाने का दम रखते हैं।

कमाल के एर्रोज

आई-लीग के सीनियर्स आसानी से इस बाद को मानते हैं कि इंडियन एर्रोज हमेशा से सीनियर नेशनल टीम में एंट्री के लिए दस्तक देते रहे हैं। लेकिन इसमें सिर्फ वह लड़के नहीं शामिल हैं जिन्होंने फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में भारत के लिए खेला है। इस सीजन कमाल करने वालों में वह सात बच्चे भी शामिल हैं जो 2019 के फीफा वर्ल्ड कप में डायरेक्ट एंट्री लेने से महज एक मैच दूर रह गई भारतीय अंडर-16 टीम का हिस्सा थे। कोच फ्लॉयड पिंटो की टीम में शामिल किए गए इन सात बच्चों में से एक 15 साल का, तीन 16 साल के और तीन 17 साल के थे।

16 साल के रोहित दानु ने इस सीजन आई-लीग में चार गोल्स दागे हैं। इस बारे में AIFF मीडिया से बात करते हुए एर्रोज के कोच फ्लॉयड पिंटो कहते हैं, ‘बिबियानो की टीम के लड़कों ने हमारी टीम में बहुत सारी क्रिएटिविटी, जोश और सबसे जरूरी चीज टीम में जगह बनाने के लिए कंपटिशन भरा है। मुझे लगता है कि टीम की अच्छी परफॉर्मेंस के पीछे यही वजह है।’

सप्लाई चेन बनाएंगे एर्रोज

इस बीच इंडियन अंडर-23 टीम के नवनियुक्त कोच डेरिक परेरा ने आने वाले AFC अंडर-23 चैंपियनशिप क्वॉलिफायर्स की तैयारी के लिए लगने वाले कैंप में इंडियन एर्रोज के 11 लड़कों को शामिल किया है। इस बारे में बात करते हुए पिंटो कहते हैं, ‘अंडर-23 कैंप के लिए हमारे 11 लड़कों का सेलेक्शन ही एर्रोज प्रोजेक्ट के पीछे के रीजन को जस्टिफाई करता है, जो कि अगले एज-ग्रुप की टीमों और फिर नेशनल टीम को लगातार सप्लाई देता रहेगा।’

आई लीग में स्कोर करने वाले सबसे युवा प्लेयर बने रोहित दानु इस सीजन की खोज माने जा रहे हैं और पिंटो भी उनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाते। पिंटो कहते हैं, ‘रोहित दानु, जिसने इस सीजन आई लीग में चार गोल्स स्कोर किए हैं, उसे आप हमारी युवा टीम की विश्वसनीयता का परफेक्ट उदाहरण मान सकते हैं।’

Author: लवली

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