इंडियन सुपर लीग को देश की टॉप लीग बनाने की दिशा में बढ़ा AIFF, कोर्ट जाएंगे आई-लीग क्लब

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने बीते मंगलवार को एक अहम फैसला लेते हुए इंडियन सुपर लीग (ISL) के विनर्स को AFC चैंपियंस लीग क्वॉलिफायर्स खेलने की अनुमति देने का फैसला कर लिया। इसका अर्थ है कि अब ISL देश की टॉप लीग बन जाएगी।

AIFF एग्जिक्यूटिव कमिटी की बैठक में फैसला लिया गया कि अब वे एशियन फुटबॉल कंफेडरेशन (AFC) से कहेंगे कि उनके द्वारा ISL विनर्स को ACL क्वॉलिफायर्स स्लॉट देने के अनुरोध पर ‘सकारात्मक’ रूप से विचार किया जाए।

बदल जाएंगे हालात

गौरतलब है कि मौजूदा नियमों के मुताबिक आई-लीग जीतने वाली टीम ACL के क्वॉलिफाइंग राउंड्स में खेलती है। आपको बता दें कि ACL एशिया का टॉप क्लब कंपटिशन है।

नॉर्मली पूरी दुनिया की फुटबॉल लीग्स में कॉन्टिनेंटल टॉप-टियर कंपटिशन के स्लॉट्स देश की टॉप लीग में खेल रहे क्लबों को दिए जाते हैं। इस बारे में AIFF ने एक बयान में कहा,

मास्टर राइट एग्रीमेंट (MRA) और पूरी नेशनल स्क्वॉड के ज्यादातर वक्त ISL क्लबों से जुड़े रहने, TV व्यूअरशिप और स्टेडियम में आने वाले फैंस की संख्या, जो कि आई-लीग के मुकाबले काफी तेजी से बढ़ी है, और ISLक्लबों के AFC क्लब लाइसेंसिंग के अंडर आने जिसमें मजबूत ग्रासरूट और यूथ डेवलपमेंट प्रोग्राम्स, जिन्हें AFC सर्टिफिकेट मिल चुका है, जैसे तथ्यों को ध्यान में रखते हुए AIFF एग्जिक्यूटिव कमिटी AFC से अनुरोध करती है कि हमारे अनुरोध पर सकारात्मक तरीके से विचार करे।

आपको बता दें कि यह MRA साल 2010 में AIFF और फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) के बीच साइन किया गया था। FSDL इंडियन सुपर लीग को चलाती है और यह AIFF के कॉमर्शियल पार्टनर IMG-रिलायंस की सहयोगी कंपनी है।

विवादों का सबब

गौरतलब है कि यह ACL स्लॉट AIFF और आई-लीग के छह क्लबों, मोहन बागान, ईस्ट बंगाल, मिनर्वा पंजाब, चर्चिल ब्रदर्स, आइज़ॉल FC और गोकुलाम केरला के बीच विवाद का कारण बना हुआ है। इन क्लबों का मानना है कि ISL विनर्स को यह स्लॉट देने से आई-लीग सेकंड टियर लीग बन जाएगी।

गौरतलब है कि ISL में प्रमोशन और रेलिगेशन नहीं होता इसके चलते ना तो इसमें से टीमें नीचे की लीग में जाएंगी ना नीचे की टीमें ऊपर आ सकती हैं।

बीती 3 जुलाई को इन क्लबों के साथ हुई मीटिंग में AIFF प्रेसिडेंट प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि वह AFC से बात कर कोशिश करेंगे कि भारतीय फुटबॉल जैसी चल रही है अगले 2-3 साल तक भी वैसी ही चले और दोनों लीग्स बरकरार रहें।

आई-लीग क्लबों ने AIFF की इस पेशकश को मान लिया था लेकिन उन्होंने ISL विनर्स को ACL स्लॉट देने की AIFF की मंशा को रिजेक्ट कर दिया था। इसके बाद इन क्लबों ने पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर AIFF के खिलाफ जांच करने की मांग की थी।

कोर्ट जाएंगे बजाज

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक AIFF के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मिनर्वा पंजाब के मालिक रंजीत बजाज ने कहा कि अब क्लब कोर्ट जाएंगे। बजाज ने ट्वीट किया,

यह इंडियन फुटबॉल के लिए काला दिन है। आईलीग की हत्या कर दी गई। रिलायंस द्वारा इंडियन फुटबॉल के ‘डेवलपमेंट’ के लिए बनाई गई FSDL ने आई-लीग को सेकंड टियर का बनाकर अंततः इसका मर्डर कर ही दिया। इसके साथ ही AIFF के चलते 27 क्लब बंद भी हो चुके हैं। ISL में जाने के लिए साल में 15 करोड़ देने होंगे/स्पोर्टिंग मेरिट बेकार है।

AIFF का कहना है कि वह जल्दी ही भारतीय फुटबॉल के भविष्य पर फैसला लेंगे। इसके लिए वह AFC की मदद लेने की कोशिश कर रहे हैं। AIFF के मुताबिक उन्होंने AFC से अनुरोध किया है कि वह अपने जनरल-सेक्रेटरी दातो विंडसर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल भेजे जिसके साथ सारी पार्टियां मिलकर एक उचित हल तक पहुंच सकें।

गौरतलब है कि AIFF 3 जुलाई की मीटिंग के बाद क्लबों द्वारा प्रधानमंंत्री को लिखी गई चिट्ठी से नाराज है। हालांकि AIFF ने इस चिट्ठी के बारे में कहा था कि भारत एक गणराज्य है और कोई भी PM को लिख सकता है। लेकिन अब AIFF ने अपने बयान में कहा,

बीती 3 जुलाई को हुई मीटिंग में कई बड़े मसलों पर चर्चा हुई थी और जिसके बाद आई-लीग क्लबों और AIFF ने एक संयुक्त बयान जारी किया था। इन मसलों पर आगे की चर्चा के लिए इन्हें AFC एग्जिक्यूटिव कमिटी के पास पेश किया जाना था।

हालांकि 8 जुलाई को क्लबों ने मीडिया के जरिए एक चिट्ठी जारी कर इसके विपरीत फैसला ले लिया जो कि उस भावना के अनुरूप नहीं था जिसके साथ AIFF प्रेसिडेंट ने क्लब्स से मुलाकात की थी। इसके परिणामस्वरूप हमने AFC से कोई संभावित उपाय खोजने के लिए कहा है।

AIFF एग्जिक्यूटिव कमिटी की मीटिंग की फोटो, AIFF के ट्विटर से साभार

Author: सूरज

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