लेजेंडरी बॉक्सर मेरीकॉम से प्रेरित होते हैं सुनील छेत्री

हाल ही में रिकॉर्ड छठी बार AIFF प्लेयर ऑफ द ईयर चुने गए इंडियन टीम के सुपरस्टार फॉरवर्ड सुनील छेत्री ने AIFF के साथ एक खास इंटरव्यू में खुलासा किया है कि वह लेजेंडरी बॉक्सर MC मेरी कॉम के फैन हैं।

AIFF मीडिया टीम के साथ खास बातचीत में 70 इंटरनेशनल गोल्स मार चुके छेत्री ने विस्तार से अपने छठे AIFF प्लेयर ऑफ द ईयर अवॉर्ड, मेरी कॉम और फुटबॉल में उनको प्रेरित करने वाले प्लेयर्स के बारे में बातचीत की। पढ़िए उस इंटरव्यू का हिंदी अनुवाद

सवाल- आपने रिकॉर्ड छठी बार AIFF प्लेयर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड जीता, कैसा लग रहा है?

इस अवॉर्ड ने मुझे और बेहतर करने के लिए मोटिवेशन देने के साथ ही मेरी जिम्मेदारियों भी याद दिलाई हैं। ईमानदारी से कहूं तो मुझे कभी वक्त नहीं मिला कि मैं बैठकर सोचूं कि मैं क्या और किस हद तक हासिल किया है। मैं बस इसी बात से खुश हूं कि मैं अपने देश के लिए खेल रहा हूं और ट्रेनिंग कर रहा हूं। मैं इसका लुत्फ उठा रहा हूं। मैं कभी भी 100 से ज्यादा गेम्स के बारे में नहीं सोचता या गोल्स की संख्या के बारे में, 6 AIFF बेस्ट प्लेयर अवॉर्ड के बारे में भी नहींं। ये सब मैंने उस वक्त के लिए बचाकर रखा है जब मैं रिटायरमेंट के बाद कभी फुर्सत से बैठूंगा।

सवाल- आपको मोटिवेशन कहां से मिलती है?

मैं अपने आसपास से मोटिवेशन इकट्ठा करता हूं। कई सारे लोगों से जिन्होंने अपनी फील्ड में बेहतरीन काम किया है। MC मेरी कॉम उनमें से एक हैं। उनकी कहानी अविश्वसनीय है। वह 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन हैं। जुड़वां बच्चों को जन्म देने के बाद और तीन बच्चों की मां बनने के बाद भी। इसके अलावा उन्होंने एशियन गेम्स, एशियन चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स और बाकी गेम्स मिलाकर 14 गोल्ड मेडल भी जीते हैं। अगर वह भारत को प्रेरित नहीं कर पाईं तो कौन करेगा? मैं उनका सबसे बड़ा फैन हूं।

सवाल- आपने उनसे क्या सीखा?

उनकी कभी हार ना मानने वाली जीवटता। कभी भी देर नहीं है, सबकुछ संभव है। जिंदगी के कई मुकाम होते हैं और इनसे आपको पता चलता है कि आपकी कड़ी मेहनत के बावजूद, आप जो भी कर रहे होते हैं वह शायद बहुत नहीं होता। उसी वक्त आपको अपने आसपास और उससे भी आगे देखना होता है। आपको देखना होता है कि बाकी लोग क्या कर रहे हैं। ऐसे में मेरी कॉम एक महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। यहीं आपको समझ आता है कि आपको खुद को और धकेलना है।

सवाल- तो फुटबॉल से आपको कोई भी प्रेरित नहीं करता?

(मुस्कुराते हुए) यहां दो लोग हैं क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनल मेसी। पिछले 10-11 सालों से इन्होंने फुटबॉल की दुनिया पर पूरी तरह से दबदबा बनाए रखा है। अगर वे 2-3 मैचों में स्कोर नहीं करते तो लोग बात करने लगते हैं कि वे ‘आउट ऑफ फॉर्म’ हैं। जब भी मैं तनाव में या फिर थका हुआ होता हूं, मैं हमेशा इनके बारे में सोचता हूं। और इससे चीजें काफी हद तक सही हो जाती हैं

सवाल- आप जीवन को कैसे देखते हैं?

शुक्र है कि मेरे करियर में बाकी की चीजों का ध्यान रखा जा रहा है। मेरे जीवन में मुझे सिर्फ एक काम करना होता है और वह है खेलना। बाकी सब भगवान ने मुझे दे रखा है। मेरा परिवार, आराम, खाना, सुख-सुविधाएं, नाम, प्रसिद्धि- सबकुछ। मुझे बस सकारात्मक रहते हुए खेलना होता है। अगर मैं यह भी अपनी पूरी क्षमता के साथ ना कर सकूं तो मैं खुद को नीचा दिखा रहा हूं, और उनको भी जिन्होंने SC11 को एक ब्रांड बनाया- मैं उन सबको नीचा दिखा रहा हूं। यही मेरी मोटिवेशन है।

सवाल- आपने कहा था कि अवॉर्ड्स आपके लिए बहुत मायने नहीं रखते, लेकिन आप गौरवान्वित तो महसूस कर ही रहे होंगे?

जाहिर है कि मैं गर्व महसूस करता हूं खासतौर से तब, जबकि लोग मुझे याद दिलाते रहते हैं कि लगभग सारे रिकॉर्ड्स मेरे नाम हैं- और यहां आप एक देश के इतिहास की बात कर रहे हैं। लेकिन मैं इसे बहुत गंभीरता से नहीं लेता। मैं इसे दिल से नहीं लगाता। मैं इसमें बह नहीं जाता। मुझे पता है कि यह हमेशा नहीं रहने वाला। किसी ऐसे व्यक्ति के लिए जिसने कभी देश के लिए खेलने का ड्रीम नहीं देखा, या कभी भी प्रोफेशनल बनने की नहीं सोची- अब देश के लगभग सारे रिकॉर्ड्स अपने नाम कर लेना, अविश्वसनीय है।

फोटो : AIFF

Author: सूरज

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