जैसे लास्ट मोमेंट पर मिले अप्रेजल… कुछ वैसे ही हो गए हैं आंद्रे रसल

आजकल भारत में दो ही चीजों की चर्चा है- चुनाव2019 और मसल वाले रसल। वेस्ट इंडीज के इस ऑलराउंडर का अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड कुछ ऐसा था जैसे अप्रेजल… यहां मिला है, वहां पता नहीं मिलेगा या नहीं। अभी लास्ट मोमेंट पर अप्रेजल ले उड़ने वाले ‘सेलेक्टेड एम्प्लॉई’ कहेंगे कि भाई… हमें तो हर बार अप्रेजल मिलता है। तो भैया! IPL12 में आंद्रे रसल भी तो हर मैच में आतिशबाजी कर रहे हैं।

#IPL12 शुरू हुआ था तब बॉलर्स का सिरदर्द बताए जा रहे टॉप बल्लेबाजों में आंद्रे रसेल बमुश्किल ही थे। लोगों का मानना था कि क्रिस गेल, विराट कोहली, एबी डिविलियर्स, रोहित शर्मा वगैरह पुराने शेर ही इस बार भी बाजा फाड़ेंगे लेकिन यहां तो सीन ही बदल गया है।

जमैकन जलजला

रसल भैया ने बीती रात बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में जो किया वह गजब ही था। 24 बॉल्स में अगर 68 रन चाहिए हों तो बड़े-बड़े दिग्गज टीवी बंद कर स्लीपने की कोशिश करने लगते हैं, क्योंकि सबको पता होता है कि 17 रन प्रति ओवर के रनरेट से रन बनाना आसान नहीं है। लेकिन ब्रो, आसान काम करना होता तो अपना भाई जमैका में क्यों पैदा होता?

बॉब मार्ले, क्रिस गेल जैसे दिग्गजों की धरती से आकर कौन आसान काम करना चाहेगा। तो ब्रो, कल रात रसल ने बेंगलुरु के खिलाफ बड़ा काम कर दिया। रसल जब क्रीज पर आए तो कोलकाता को 24 बॉल्स पर 68 चाहिए थे। रसल के आते ही जमे बैट्समेन दिनेश कार्तिक वापस लौट गए। मैच और फंस गया लेकिन रसल तो आजकल सोचकर आते हैं कि जीतकर ही लौटना है।

ये करके दिखाओ

ये… ये… ये करके दिखाओ

तौ भैया रसल जी ने सिर्फ 13 बॉल्स में कूट डाले 48 रन। टिम साउदी जैसे बॉलर के एक ओवर में 29 रन मारने वाले रसल मानो कोहली और ABD से कह रहे थे… ‘ये करके दिखाओ’। रसल के दम पर कोलकाता ने अविश्वसनीय तरीके से पांच बॉल बाकी रहते ही मैच अपने नाम कर लिया।

इस सीजन यह रसेल की लगातार चौथी तूफानी पारी थी, मतलब सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी ही नहीं है… भरोसा भी है। इससे पहले के मुकाबलों में भी रसेल कुछ इसी स्थिति में आए थे जब सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उनकी टीम को 33 बॉल्स में 64 रन की जरूरत थी। रसेल ने 19 बॉल्स में ही नॉटआउट 49 रन मार दिए।

दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उनकी टीम को भले ही सुपर ओवर में हार झेलनी पड़ी थी, लेकिन उससे पहले रसेल 28 बॉल्स में 62 रन पीट चुके थे। पंजाब के खिलाफ भी रसल ने 17 बॉल्स में 48 रन मारे थे।

टूट जाएगा रिकॉर्ड

गौर करिएगा कि बंदा ना सिर्फ रन बनाने में बल्कि छक्के मारने में भी इस सीजन कमाल की कंसिस्टेंसी दिखा रहा है। बल्कि छक्के मारने में तो ब्रो हर बार पहले से बेहतर आंकड़े दे रहा है। रसल ने इस सीजन अपने पहले मैच में 4, दूसरे मैच में 5, तीसरे में 6 और चौथे मैच में 7 छक्के मारे हैं। मतलब इस सीजन सिर्फ 4 मैचों में ही रसल 22 छक्के उड़ा चुके हैं, आपको बता दें कि पिछले सीजन रसल ने कुल 31 छक्के मारे थे।

तो भैया हमें तो इंतजार है कि कितने मैचों में रसल अपना पिछले सीजन का छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ेंगे… आपको शायद अप्रेजल का होगा? चलिए अप्रेजल को वणक्कम।

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