जब अपने पीछे भाग रहे स्पेन को छोड़कर मेसी ने इग्नोर कर रहे अर्जेंटीना को चुना

29 जून 2004 को मेसी अर्जेंटीना की अंडर-20 टीम के लिए डेब्यू कर चुके थे। मेसी ने अपनी कर्मभूमि पर जन्मभूमि को तरजीह देने का फैसला लिया लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इससे पहले एक वक्त ऐसा था जब मेसी स्पेन के लिए खेलने के बेहद करीब पहुंच गए थे। साल 2003 में फिनलैंड में हुए अंडर-17 वर्ल्ड कप के लिए स्पैनिश फुटबॉल फेडरेशन ने मेसी को अपनी टीम में शामिल करने की पुरजोर कोशिश की थी।

रॉयल स्पैनिश फुटबॉल फेडरेशन ने उस वक्त बार्सिलोना के लिए खेल रहे मेसी को स्पैनिश टीम में शामिल होने के लिए मनाने में अपनी पूरी ताकत लगा दी थी। ऐसा हो भी क्यों ना… यही वह सीजन (2003-04) था जब मेसी हेडलाइंस में छा रहे थे, इस साल बार्सिलोना की रिकॉर्ड पांच टीम्स के लिए डेब्यू कर चुके मेसी का टैलेंट स्पैनिश फुटबॉल को चलाने वालों के दिमाग में घुस चुका था।

चमक रहा था मेसी

मेसी ने जुवेनाइल बी यानि कि बार्सिलोना की अंडर-17 टीम के साथ इंटरनेशनल टूर पर चार प्री-सीजन टूर्नामेंट्स में बवाल करने के बाद सिर्फ एक ऑफिशियल मैच खेलकर जुवेनाइल ए (अंडर-19) टी में प्रमोशन ले लिया था। मेसी इस टीम के साथ सिर्फ 11 मैच में 18 गोल्स मार चुके थे जिसके बाद उन्हें इंटरनेशनल ब्रेक में सीनियर टीम से जोड़ लिया गया था।

सीनियर टीम के साथ अपने पहले ही ट्रेनिंग सेशन में मेसी ने मैनेजर फ्रैंक रिज़कार्ड को हैरान कर दिया। इस बारे में बात करने पर उस वक्त बार्सिलोना में खेल रहे फ्रेंच विंगर लुडोविक गिली कहते हैं, ‘उसने हम सबको तबाह कर दिया था… वे उसे धक्के मार रहे थे जिससे उस बच्चे के हाथों बेइज्जत होने से बच सकें, लेकिन वह उठता और खेलना जारी रखता। वह चार प्लेयर्स के सामने से ड्रिबल करता हुआ जाता और गोल मार देता। यहां तक कि टीम के स्टार्टिंग डिफेंडर्स भी उसके सामने नर्वस थे। वह एक एलियन था।’


ऐसे में मेसी के लिए स्पेन की बेचैनी समझी जा सकती है। वहीं दूसरी तरफ अर्जेंटीना को मेसी में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उस वक्त अर्जेंटीना की अंडर-17 टीम के मैनेजर रहे ऊगो तोकाली ने मेसी में जरा भी इंट्रेस्ट नहीं दिखाया। हालांकि मेसी और उनके पिता इस मसले पर श्योर थे कि उन्हें अर्जेंटीना के लिए ही खेलना है।

फिनलैंड वर्ल्ड कप के लिए मेसी को अर्जेंटीना की टीम में जगह नहीं मिली और इसके बाद स्पेन ने उन्हें अपनी टीम में शामिल करने के लिए कोशिशें और तेज कर दी। लेकिन मेसी के पिता होर्हे मेसी फिर भी अपनी जिद पर अड़े रहे और कैटालोनिया आए उस वक्त के अर्जेंटीनी नेशनल टीम के मैनेजर मार्सेलो बिएल्सा को किसी तरह मेसी का ट्रायल लेने के लिए मना लिया।

उस वक्त बिएल्सा के टेक्निकल असिस्टेंट रहे क्लाउडियो विवास ने मेसी के खेलने के वीडियोज मांगे और उन्हें देखने के बाद कहा कि मेसी नेशनल टीम के लिए खेलने का दम रखते हैं। इसके बाद हाल ही में 17 साल के हुए मेसी ने 17 नंबर की जर्सी पहनकर अर्जेंटीना के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया।

Author: सूरज

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