सोनीपत के अखाड़ों को मिलेगी कुश्ती की आधुनिक सुविधाएं

हरियाणा के सोनीपत जिले के देसी अखाड़ों के पहलवानों के लिए अच्छी खबर है। आधुनिक कुश्ती की सुविधाएं अब उन्हें अपने मौजूदा अखाड़ों में ही मिलेंगी। स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने जिले के पंजीकृत अखाड़ों की सुध लेते हुए इन्हें मैट व जिम देने की तैयारी शुरू कर दी है। मैट व जिम देने के लिए पंजीकृत अखाड़ा संचालकों से 18 फरवरी तक आवेदन करने को कहा गया है।

देसी अखाड़ों को मैट व जिम आखिरी बार करीब छह साल पहले दिए गए थे। इसके बाद से उनकी सुध नहीं ली गई थी। जबकि अखाड़ों में सोनीपत के अंदर करीब आठ सौ पहलवान हर दिन प्रैक्टिस कर रहे हैं। इनमें नेशनल, स्टेट, जिला स्तरीय कुश्ती में पदक जीतने वाले पहलवान भी शामिल हैं। एक मैट व जिम पर करीब 10 लाख खर्च किए जाएंगे।

काफी फायदेमंद होंगी यह सुविधाएं
गौरतलब है कि इन देसी अखाड़ों ने देश को कई ऐसे पहलवान दिए हैं जिन्होंने देश का नाम ओलंपिक्स, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ, विश्व कुश्ती में चमकाया है। मैट व जिम की सुविधा देसी अखाड़ों को मिलेगी तो यहां पहलवानों की स्पीड पर काम होगा। जानने लायक बात है कि मैट पर कुश्ती फास्ट होती है, जबकि मिट्‌टी में धीमी। आजकल सभी स्तरीय प्रतियोगिताओं में मुकाबले मैट पर ही होते हैं। इसके साथ जिम के जरिए रेसलर्स अपने हाथों की मजबूती बढ़ाते हैं। हाथ व पैरों पर काम होने से पहलवान हर तरीके से तैयार हो सकते हैं।

सारे अखाड़ों को नहीं मिलेगी सुविधा
सोनीपत में करीब 25 देसी अखाड़े हैं और इनमें से करीब 12 ही रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में सरकारी की मैट व जिम देने की सुविधा हर अखाड़े तक पहुंचना मुश्किल लग रहा है। पहलवानों की मानें तो साल 2011-12 में पूर्व सरकार के समय में देसी अखाड़ों को मैट व जिम दिए गए थे। इसके बाद से सुध नहीं ली गई है। उस समय दिया गया सामान टूट चुका है। ऐसे में कई अखाड़ों में तो दान के पैसे से डंबल व वेट का सामान खरीदा जा रहा है। अखाड़ों में जिम ना होने के चलते पहलवानों को प्राइवेट जिम में महीने के एक से डेढ़ हजार रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं।

Author: Jack

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